Monday, 8 January 2018

पंजाब कृषि कर्ज माफ़ योजना - राज्य के किसानों के लिए

पंजाब में "कृषि कर्ज माफ़ योजना" के तहत किसानों के लिए एक नई पहल की गई है। इस योजना एक तहत पहले चरण में, लगभग 47 हजार किसानों का कर्फ़ माफ़ किया गया है। इस मौके पर उन्होंने किसानों के मुद्दों पर गलत अफवाह फैलाने को लेकर विपक्षी पार्टियों तथा कुछ किसान संगठनों की खिंचाई की तथा कार्यकर्म के दौरान मुख्यमंत्री जी ने मनसा, बठिंडा, फरीदकोट, मुक्तसर और मोगा जिलों के 10 किसानों को सांकेतिक तौर पर णमाफी प्रमाणपत्र सौंपा गए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तकनीकी कारणों से कुछ किसानों का नाम सूची में नहीं आ पाया हो तथा इस तरह की शिकायतों का समाधान किया जा रहा है और लोगों को अपने संबंधित एसडीएम और डीएम के पास ये शिकायतें लेकर जानी चाहिए। सिंह ने कहा कि इस योजना के तहत 10.25 लाख किसानों को राहत दी जा रही है। इसमें सिर्फ बड़े किसानों को शामिल नहीं किया गया है। सरकार के अनुसार, पंजाब में 17.5 लाख किसान परिवार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के पहले चरण में कुल 6.53 लाख किसानों को सम्मिलित तौर पर 27 सौ करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। सिंह ने सूची में नाम नहीं होने के कारण ऐसी कोई घटना होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि यह अकाली दल, आम आदमी पार्टी और कुछ किसान संगठनों द्वारा फैलाई गयी अफवाह है। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य की विाीय स्थिति उससे भी बदतर है जो चुनाव के पहले कांग्रेस ने सोचा था। इसके बाद भी पंजाब में उारप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश और कर्नाटक से अधिक कर्ज माफी दी गयी है।

Friday, 5 January 2018

छत्तीसगढ़ जवाहर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2018-19

छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति, जनजाति के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए “जवाहर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2018-19” के तहत आवेदन आमंत्रित किये गये है। इस छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा छठवीं एवं कक्षा नवमीं में प्रवेश हेतु एससी/ एसटी वर्गीय विद्यार्थियों को लाभार्थी बनाया जाता है। इस छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत, लाभार्थी बनने के लिए tribal.cg.gov.in पर आवेदन करना होगा।

छत्तीसगढ़ में संचालित किसी मान्यता प्राप्त शाला से कक्षा पांचवीं एवं आठवीं में नियमित अध्ययनरत् हो तथा कक्षा चौथी एवं सातवीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया हो। इच्छुक छात्र निर्धारित आवेदन पत्र पूर्ण कर अध्ययनरत् संस्था में जमा कर सकते हैं। योजना के तहत शिक्षण शुल्क, प्रवेश शुल्क, भोजन, आवास, गणवेश, जूते, मोज़े, स्वास्थ्य सुविधा एवं अन्य सुविधाएँ विद्यालय द्वारा मुफ्त प्रदाय किया जाता है।

जवाहर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2018-19 आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2018 निर्धारित की गई है। उक्त योजनांतर्गत लिखित परीक्षा का आयोजन 11 फरवरी, 2018 को सुबह 10 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक किया जाएगा। शाला प्रमुख द्वारा विद्यार्थियों के आवेदन का परीक्षण एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अग्रेषण हेतु 3 फरवरी, 2018 तक की तिथि निर्धारित की गई है।

जवाहर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2018-19 आवेदन पत्र : CLICK HERE

हरियाणा नशामुक्ति योजना – नशे मुक्त करने के लिए

हरियाणा राज्य को नशा मुक्त करने के लिए “नशामुक्ति योजना” का शुभारम्भ किया जा रहा है। इस योजना को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से लागू की गई। इस योजना के तहत राज्य में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र संचालित किये जाएंगे। योजना के तहत इन केंद्रों में नशे से ग्रस्त लोगों को इससे मुक्त करने के लिए निशुल्क इलाज किया जाता है।

इस आर्थिक सहायता के द्वारा केंद्रों में नशा ग्रस्त लोगों का निःशुल्क ईलाज किया जाएगा। योजना के तहत नशा मुक्त केंद्रों में दाखिल होने वाले लोगों को रहने, खाने एवं दवाइयों की सुविधा भी निशुल्क प्रदान की जाती है। इस योजना के द्वारा बहुत-से गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा। इस नशा मुक्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन जमा करना होगा।

डीसी अमित खत्री ने कहा कि लोगों को नशे जैसी बुराई से मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही, यह कल्याणकारी योजना हर माह सैकड़ों की संख्या में लोगों को नशामुक्त करने में अपना अहम योगदान निभा रही है। इस योजना के तहत नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।

वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट स्कीम (एक जिला-एक उत्पाद योजना) उत्तरप्रदेश

उत्तरप्रदेश में बेरोज़गारो को रोज़गार प्रदान के लिए एक जिला-एक उत्पाद योजना 2018 शुरू की गई है। योजना के अंतर्गत, स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों को पांच वर्ष में 25 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दिलाने का प्रस्ताव है। यह उत्पाद योजना प्रदेश के पहले स्थापना दिवस समारोह पर 24 जनवरी को लॉन्च की जा सकती है।

इस योजना के तहत सरकार जिलों में फैले छोटे, मझोले और परंपरागत उद्योगों की लुप्त होती पहचान को पूरी दुनिया तक फैलाने की तैयारी कर रही है। इससे न सिर्फ जिले व क्षेत्र विशेष तक सीमित उत्पाद एक ब्रांड के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना पाएंगे, बल्कि ब्रांड यूपी की पहचान भी बनेगा। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट स्कीम की शुरुआत जापान के ओइटा प्रांत के गर्वनर मोरिहिको हिरामत्सु ने 1979 में किया था।

इसके बाद थाईलैंड के तत्कालीन प्रधानमंत्री थैक्सिन सुवामात्रा के समय में वन टैम्बून-वन प्रोडक्ट के रूप में इसे आगे बढ़ाया गया। प्रदेश की खास सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक व भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह मॉडल प्रदेश के समावेशी विकास के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है। योजना के तहत विभिन्न राज्यों में विभिन्न उधोग संचालित किये जाएंगे। यह उधोग व कार्य निम्न है, जिनके तहत 25 लाख बेरोज़गारों को रोज़गार प्रदान किया जाएगा।

उत्तरप्रदेश जनसुनवाई योजना – शिकायत दर्ज करने के लिए

उत्तरप्रदेश में आम जनता को जानकारी व शिकायत दर्ज करने के लिए “जनसुनवाई योजना” की शुरुआत की। इस योजना के तहत जनसुवाई पोर्टल “jansunwai.up.nic.in” जारी की है। इस ‘पोर्टल व ऐप्प’ से विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतें एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध हो सकेंगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को समय पर सभी की शिकायत सुनकर न्याय प्रदान करना है ताकि सभी को समान न्याय प्राप्त हो और कोई भी व्यक्ति कानून का उलंघन न कर सकें।

जनसुनवाई योजना उत्तरप्रदेश 2018 को मुख्यमंत्री जी ने यह योजना राज्य के आम लोगो के लिए शुरू की है, जिन लोगों को संयु पर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है या फिर उच्च अधिकारियों से किसी भी प्रकार की कोई परेशानी समक्ष आ रही है। इस जनसुनवाई योजना के तहत आम नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते है। मुख्यमंत्री द्वारा संचालित, इस योजना का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को समय पर सभी की शिकायत सुनकर न्याय प्रदान करना है ताकि सभी को समान न्याय प्राप्त हो और कोई भी व्यक्ति कानून का उलंघन न कर सकें।

इस जनसुनवाई योजना के तहत आम नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते है। मुख्यमंत्री द्वारा संचालित, इस योजना का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को समय पर सभी की शिकायत सुनकर न्याय प्रदान करना है ताकि सभी को समान न्याय प्राप्त हो और कोई भी व्यक्ति कानून का उलंघन न कर सकें। इस योजना के तहत सभी प्रक्रियों को ऑनलाइन जारी किया गया है ताकि सभी शिकायत व सुझाव समय पर प्राप्त हो व समय से ही परेशानी का समाधान प्राप्त हो।

जनसुनवाई योजना 2018 के तहत शिकायत पंजीकरण के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें : CLICK HERE

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर - गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को लाभ के लिए

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर 2018 का आयोजन किया है। इस शिविर को ‘राज्य बीमारी सहायता योजना‘ के तहत शुरू किया जा रहा है। यह शिविर से 5 जनवरी, 2018 से 11 फरवरी, 2018 तक आयोजित किया जाएगा। इन शिविर में योजना के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ कार्यक्रम अंतर्गत प्रदेश के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे 0 से 18 वर्ष के समस्त बच्चों को लाभार्थी बनाया जाएगा।

राज्य बीमारी सहायता योजना के तहत लाभ लेने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ऑनलाइन आवेदन कर ले सकते है तथा ऑफलाइन आवेदन भी पेश किये जा सकते है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के रोगियों को योजना के तहत एक बार सहायता प्रदान की जाएगी तथा दूसरी बार पुनः चिह्नित बीमारियों में उपचार/ सर्जरी की आवश्कता होती है तो 2 लाख रुपये सकल सीमा में रहते हुए सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर – राष्ट्रीय बाल स्वास्थ कार्यक्रम अंतर्गत 0 से 18 वर्ष के समस्त जन्मजात हृदय रोग, श्रवण बाधित, मोतियाबिंद, कटे होठ एवं फटे तालू, क्लब फुट, भेंगापन, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप, ई.एन.टी. एवं दंत रोग से ग्रसित बच्चों एवं राज्य बीमारी सहायता योजना अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले गंभीर बीमारी से पीड़ित हितग्राहियों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थान में उपचारित कराया जाना है।

मध्यप्रदेश आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना

मध्यप्रदेश में “आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना 2018” को लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत बेरोज़गार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत नवयुवकों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने के लिए 5 से 10 दुधारू पशु गाय या भैंस बैंक से ऋण स्वीकृत कराकर डेयरी व्यवसाय शुरु कर सकते हैं।

गौ संवर्धन योजना 2018 के तहत इकाई की अधिकतम सीमा राशि 10 लाख रुपए है। जिसमें मार्जिन मनी सहायता के रुप में इकाई लागत का 25 प्रतिशत सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम (1.50 लाख) तथा अनुसूचित-जनजाति के लिए 33 प्रतिशत अधिकतम (2 लाख) रुपए प्रदाय की जाएगी।

योजना के तहत बैंक से प्राप्त ऋण पर 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से (अधिकतम 25 हजार रुपए प्रतिवर्ष) ब्याज की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी। योजना के तहत बाकि राशि/ ब्याज हितकारी स्वयं प्रतिपूर्ति करेगा। योजना का जो पशु पालक लाभ प्राप्त करना चाहते हो वे नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था या कार्यालय दमोह में संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।