बिहार में भीख मांग कर जीवन यापन करने वाले लोगों के आधार कार्ड बनवाने के लिए "मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना 2018" की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत भिक्षुओं को आधार कार्ड के द्वारा सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा इससे संबंधित निर्देश सभी जिलों को जारी किया गया है। आधार कार्ड बनाने का जिम्मा जिले में संचालित बुनियाद केंद्र के माध्यम से होगा।
इसके लिए बस पड़ाव, रेलवे स्टेशन परिसर, रैन बसेरा, फुटपाथ एवं एक जगह बस्ती बनाकर रहने वाले स्थान को चिह्नित कर आधार कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया जाएगा। शिविर में ऑन स्पॉट आधार कार्ड बनाकर भिक्षुकों को दिया जाएगा। आधार कार्ड से भिखारियों का बैंक खाता खोल दिव्यांगता एवं वृद्धावस्था पेंशन एवं कुष्ठ रोग से ग्रसित भिक्षुकों को सहायता राशि का भुगतान उनके खातों में किया जाएगा।
तीन वर्ष पूर्व हुए कटिहार में हुए सर्वे में शहरी क्षेत्र में ही भीख मांग कर गुजारा करने वाले भिक्षुकों की संख्या 519 थी, लेकिन विभाग ने इसे पुराना आंकड़ा कहते हुए सर्वे का काम नए सिरे से कराने को कहा है। सर्वे के दौरान भिक्षुकों को पहचान पत्र दिए जाने के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया जाएगा।
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इसके लिए बस पड़ाव, रेलवे स्टेशन परिसर, रैन बसेरा, फुटपाथ एवं एक जगह बस्ती बनाकर रहने वाले स्थान को चिह्नित कर आधार कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया जाएगा। शिविर में ऑन स्पॉट आधार कार्ड बनाकर भिक्षुकों को दिया जाएगा। आधार कार्ड से भिखारियों का बैंक खाता खोल दिव्यांगता एवं वृद्धावस्था पेंशन एवं कुष्ठ रोग से ग्रसित भिक्षुकों को सहायता राशि का भुगतान उनके खातों में किया जाएगा।
तीन वर्ष पूर्व हुए कटिहार में हुए सर्वे में शहरी क्षेत्र में ही भीख मांग कर गुजारा करने वाले भिक्षुकों की संख्या 519 थी, लेकिन विभाग ने इसे पुराना आंकड़ा कहते हुए सर्वे का काम नए सिरे से कराने को कहा है। सर्वे के दौरान भिक्षुकों को पहचान पत्र दिए जाने के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया जाएगा।
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